फ्ते के आखिरी दिन घरेलू शेयर बाजार कमजोर खुले. बाजारों पर विदेशी स्टॉक एक्सचेंजों में कमजोरी का असर पड़ा. गुरुवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में कमजोरी आई थी. शुक्रवार को इसका असर भारत सहित एशियाई बाजारों पर देखने को मिला. गुरुवार को यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने यूरोपीय देशों की ग्रोथ घटने का अनुमान जताया है. इधर, रुपये में शुक्रवार को कमजोरी दिखी. हालांकि गुरुवार को रुपया अच्छी तेजी के साथ बंद हुआ था. सुबह करीब 9:30 बजे बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 48 अंक यानी 0.13 फीसदी गिरकर 36,677 अंक पर कारोबार कर रहा था. एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी50 भी 27 अंक यानी 0.24 फीसदी की कमजोरी के साथ 11,032 अंक पर था. शुरुआती कारोबार में बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में थोड़ी तेजी दिखी. एशियाई शेयर बाजारों पर ईसीबी के पूर्वानुमान का काफी असर देखने को मिला. केंद्रीय बैंक ने ग्रोथ का अनुमान घटाने के साथ ही खर्च बढ़ाने की पॉलिसी पेश की है. इससे निवेशकों को फिर से मंदी का डर सताने लगा है. इससे चलते जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली. सु...