मेंथा ऑयल का भाव एक हफ्ते में 4 फीसदी गिर चुका है. आगे भी कीमतों में तेज गिरावट के संकेत हैं. इसकी वजह नई फसल की आवक है. इस साल मेंथा का बंपर उत्पादन होने की उम्मीद है. कारोबारियों को जून में कीमतों में बड़ी गिरावट की आशंका है. मेंथा का सबसे ज्यादा उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है. ओरल केयर, फार्मास्युटिकल, परफ्यूम और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां मेंथा का इस्तेमाल करती हैं. मेंथा तेल की कीमतें पिछले महीने 1,360 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गईं. गुरुवार को एमसीएक्स पर मेंथा ऑयल का मई वायदा 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 1370 के आसपास कारोबार कर रहा था. वहीं दूसरे नजदीकी कॉन्ट्रैक्ट जून डिलीवरी का भाव 1,255 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था. एंजल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (कमोडिटीज एवं करेंसी) अनुज गुप्ता ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि आगे मेंथा ऑयल में गिरावट बढ़ सकती है. मई कॉन्ट्रैक्ट का भाव नीचे में 1,300-1,280 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर सकते हैं. कंपनियां मेंथॉल और क्रिस्टल बनाने के लिए भी मेंथा ऑयल का इस्तेमाल करती हैं. मेंथा को पुदीना भी क...